शुक्रवार, 8 जनवरी 2021

भारतीय संविधान निर्माता डॉक्टर भीमराव अंबेडकर

    डॉक्टर भीमराव अंबेडकर का जीवन परिचय

डॉक्टर बाबा साहब भीमराव अंबेडकर भारत के महान विधिवेता, अर्थशास्त्री, राजनीतिज्ञ और समाज सुधारक हुए। इन्होंने दलित पर हो रहे सामाजिक भेदभाव एवं अत्याचार के विरुद्ध अभियान चलाया था। वह स्वतंत्र भारत के प्रथम विधि एवं न्याय मंत्री रहे। डॉक्टर भीमराव अंबेडकर को भारतीय संविधान का जनक कहा जाता है

बाबा साहब भीमराव अंबेडकर का बचपन--

डॉक्टर बाबा साहब भीमराव अंबेडकर का जन्म 14 अप्रैल 1891 को भारत के मध्य प्रदेेेश मैं स्थित महू नगर की ब्रिटिश सैन्य  छावनी में हुआ था। उनके पिता का नाम रामजी मालोजी सकपाल तथा  उनकी माता का नाम भीमाबाई था। 
डॉक्टर बाबा साहब भीमराव अंबेडकर हिंदू महार जाति से संबंध रखते थे। जिसे समाज में अछूत जाति के रूप में देखा जाता था। जिसके कारण डॉक्टर बी आर अंबेडकर को सामाजिक व आर्थिक रूप से गहरा भेदभाव सहन करना पड़ता था। 
प्रारंभिक अध्ययन के समय डॉ भीमराव अंबेडकर को छुआछूत के कारण शिक्षा ग्रहण करने में अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। 
डॉक्टर भीमराव अंबेडकर का विवाह 15 वर्ष की आयु में ही रमाबाई अंबेडकर के साथ हो गया था। इस समय डॉक्टर भीमराव अंबेडकर पांचवी कक्षा में पढ़ते थे। 

डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की प्रारंभिक शिक्षा--

डॉ भीमराव अंबेडकर ने सातारा शहर में राजवाड़ा चौक पर स्थित गवर्नमेंट हाई स्कूल में 7 नवंबर 1900 को पहली कक्षा में अध्ययन शुरू किया। इस कारण महाराष्ट्र में 7 नवंबर को विद्यार्थी दिवस के रूप में मनाया जाता है। 
दादा केलुस्कर द्वारा लिखित पुस्तक " बुद्ध की जीवनी" पुस्तक पढ़ने के बाद पहली बार बौद्ध धर्म को जाना तथा बौद्ध धर्म की शिक्षा से प्रभावित हुए। 

माध्यमिक शिक्षा--  डॉक्टर भीमराव अंबेडकर ने मुंबई केेेे गवर्नमेंट हाईस्कूल से स्नातक स्तर की शिक्षा ग्रहण की। उन्होंने अर्थशास्त्रर राजनीतिक विज्ञान में स्नातक  की डिग्री प्राप्त की। 
1913 में अंबेडकर 22 साल की उम्र में संयुक्त राज्य अमेरिका चले गए जहां उन्होंने कोलंबिया विश्वविद्यालय में स्नातकोत्तर का अध्ययन किया। 
1916 में वे लंदन चले गए। अपने तीसरे शोध कार्य "इवोल्यूशन ऑफ प्रोविशिपल फिनान्स इन इंडिया" के लिए अर्थशास्त्र में पीएचडी की डिग्री प्राप्त की। 

छुआछूत के विरुद्ध संघर्ष-- डॉ बाबासाहब भीमराव अंबेडकर दलितों को सामाजिक व आर्थिक तौर पर समाज केेेेे अन्य वर्णों के  समान अधिकार दिलाना चाहते थे। दलितोंं को छुआछूत, भेदभाव जैसे अभिशाप से मुक्ति दिलाना उनकेे जीवन का संकल्प था। 8 अगस्त 1930 को प्रथम गोलमेज सम्मेलन मेंं भारत में दलितों की दुर्दशा को दुनिया केेेे सामने रखा। 
डॉक्टर भीमराव अंबेडकर ने अछूतों को पृथक निर्वाचिका देने की मांग की। दूसरे गोलमेज सम्मेलन 1932 में ब्रिटिश सरकार ने अंबेडकर के विचारों के साथ सहमति जताते हुए अछूतों को पृथक निर्वाचिका   देने की घोषणा की। 
डॉक्टर भीमराव अंबेडकर के जीवन की महत्वपूर्ण घटनाएं-- 
1. 1932 ईस्वी में महात्मा गांधी और डॉक्टर भीमराव अंबेडकर के मध्य पूना पैक्ट समझौता हुआ था। 
2. 13 अक्टूबर 1935 को नासिक में एक सम्मेलन में बोलते हुए डॉक्टर भीमराव अंबेडकर ने धर्म परिवर्तन करने की घोषणा की थी। 

संविधान निर्माण-- डॉक्टर भीमराव अंबेडकर एक बुद्धिमान संविधान विशेषज्ञ थे। उन्होंने लगभग 60 देेशों 
के संविधान का अध्ययन किया था। डॉक्टर भीमराव अंबेडकर को "भारतीय संविधान का जनक" कहा जाता है। 
1948 से , डॉक्टर भीमराव अंबेडकर मधुमेह रोग से पीड़ित थे। 6 दिसंबर 1956 को डॉक्टर भीमराव अंबेडकर का महापरिनिर्वाण हो गया था। 

लेखक:: Sitaram Bhil

गुरुवार, 3 दिसंबर 2020

Biography of Mahatma Gandhi ( महात्मा गांधी का जीवन परिचय)


            महात्मा गांधी का जीवन परिचय


अगर भारत के महान राजनीतिज्ञ थे जिन्होंने भारत को स्वतंत्रता दिलाने में अहम भूमिका निभाई। भारत की स्वतंत्रता के लिए महात्मा गांधी के बलिदान का अद्वितीय उदाहरण नहीं है। 

महात्मा गांधी का प्रारंभिक जीवन----- महात्मा गांधी का जन्म 2 अक्टूबर 1969 में पोरबंदर (गुजरात) में हुआ था। महात्मा गांधी जी का पूरा नाम मोहनदास करमचंद गांधी था। इनकेेेेेेे पिता का नाम करमचंद गांधी तथा माता का नाम पुतलीबाई था।  महात्मा गांधी का विवाह छोटी उम्र  में ही कस्तूरबाई गांधी के साथ हुआ। 
महात्मा गांधी का अध्ययन जीवन--- महात्मा गांधी ने प्राथमिक पढ़ाई राजकोट सेेेे ग्रहण की।  वह उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए व वकील की डिग्री प्राप्त करनेेेे के लिए लंदन गए। 
महात्मा गांधी ने वकील की डिग्री प्राप्त करने के बाद 1893 में अब्दुल्ला सेठ नामक व्यापारी का केस लड़ने के लिए दक्षिण अफ्रीका गए। 
महात्मा गांधी ने सत्याग्रह का प्रयोग सर्वप्रथम दक्षिण अफ्रीका में किया। दक्षिण अफ्रीका में चल रही रंगभेद नीति को सत्याग्रह के माध्यम से समाप्त करने का प्रयास किया। 
 
भारत की स्वतंत्रता के लिए गांधी जी द्वारा किए गए प्रयास-- 1915 में गांधीजी दक्षिण अफ्रीका से भारत आए। अंग्रेजी सरकार ने महात्मा गांधी केसर ए हिंद की उपाधि प्रदान की। 
1916 में अहमदाबाद के पास साबरमती आश्रम का निर्माण करवाया। 
गांधी जी ने भारत में प्रथम सत्याग्रह 1917 को चंपारण (बिहार) में किया। 
13 अप्रैल 1919 को हुए जलियांवाला बाग हत्याकांड के विरोध में गांधीजी ने केसर ए हिंद की उपाधि लौटा  दी। 
गांधी ने 1 अगस्त 1920 को असहयोग आंदोलन की शुरुआत की। 
महात्मा गांधी ने 1924 में प्रथम व अंतिम बार कांग्रेस के बेलगांव अधिवेशन में अध्यक्षता की थी। 
महात्मा गांधी ने दूसरे गोलमेज सम्मेलन में  कांग्रेस की तरफ से भाग लिया। 
1932 में महात्मा गांधी और भीमराव अंबेडकर के मध्य पूना समझौता हुआ था। 
महात्मा गांधी ने 1942 में अंग्रेजी सरकार के खिलाफ अंतिम आंदोलन 'भारत छोड़ो' आंदोलन शुरू किया। 

महात्मा गांधी द्वारा दिए गए नारे-- भारत छोड़ो, हे राम, करो या मरो। 

30 जनवरी 1948 को नाथूराम गोडसे ने महात्मा गांधी जी गोली मारकर हत्या कर दी थी। 




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 Life introduction of Mahatma Gandhi



 If there were great politicians of India who played an important role in bringing independence to India.  There is no unique example of Mahatma Gandhi's sacrifice for India's independence.
Mahatma Gandhi's early life ---- Mahatma Gandhi was born on 2 October 1969 in Porbandar (Gujarat).  The full name of Mahatma Gandhi was Mohandas Karamchand Gandhi.  His father's name was Karamchand Gandhi and mother's name was Putlibai.  Mahatma Gandhi was married to Kasturbai Gandhi at an early age.
Mahatma Gandhi's study life --- Mahatma Gandhi took primary education from Rajkot.  He went to London to pursue higher education and to pursue a lawyer's degree.

 Mahatma Gandhi, after obtaining a lawyer's degree, went to South Africa in 1893 to fight the case of a businessman named Abdullah Seth.

 Mahatma Gandhi first used Satyagraha in South Africa.  They tried to end the apartheid policy in South Africa through satyagraha.



 Efforts made by Gandhiji for the independence of India - Gandhi came to India from South Africa in 1915.  The British Government conferred the title of Mahatma Gandhi Saffron-e-Hind.

 Built the Sabarmati Ashram near Ahmedabad in 1916.

Gandhiji performed the first Satyagraha in India in 1917 in Champaran (Bihar).

 Gandhiji returned the title of Saffron-e-Hind in protest against the Jallianwala Bagh massacre on 13 April 1919.

 Gandhi started the Non-Cooperation Movement on 1 August 1920.

 Mahatma Gandhi presided over the Belgaum session of the Congress for the first and last time in 1924.

 Mahatma Gandhi attended the second round table conference on behalf of the Congress.

 In 1932, Poona pact was signed between Mahatma Gandhi and Bhimrao Ambedkar.

 Mahatma Gandhi started the 'Quit India' movement in 1942, the last movement against the British government.


 Slogans given by Mahatma Gandhi - Quit India, O Ram, do or die.


 Mahatma Gandhi was shot dead by Nathuram Godse on 30 January 1948.